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Haldiram Nagpur Scam: 9.38 करोड़ की ठगी, कैसे हुआ इतना बड़ा फ्रॉड?




🍥 Haldiram Nagpur Scam: 9.38 करोड़ की ठगी, कैसे हुआ इतना बड़ा फ्रॉड?


Haldiram—भारत की सबसे प्रतिष्ठित मिठाई और नमकीन ब्रांड में से एक। लेकिन हाल ही में एक चौंकाने वाली खबर ने सभी को हिला कर रख दिया। नागपुर स्थित Haldiram के निदेशक के साथ लगभग ₹9.38 करोड़ की धोखाधड़ी हुई है। यह मामला सिर्फ एक निवेश घोटाला नहीं, बल्कि देश की बड़ी कंपनियों को निशाना बनाने वाले फ्रॉड गैंग की साजिश का एक हिस्सा लगता है।


📌 क्या है पूरा मामला?


Haldiram Foods International Ltd. के निदेशक कमल अग्रवाल, जो नागपुर में Haldiram की यूनिट 'Om Industries Pvt. Ltd.' चला रहे हैं, उन्हें एक मुंबई आधारित परिवार ने अपनी फर्जी कंपनी में निवेश के लिए ठगा।

Royal Dryfruit Pvt. Ltd. नामक कंपनी के मालिक समीर अब्दुल हुसैन ललानी, उनकी पत्नी हीना ललानी, बेटा अलीशान ललानी और उनके साथी प्रकाश भोसले ने मिलकर Haldiram से निवेश के नाम पर मोटी रकम ऐंठ ली।

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💼 फ्रॉड का तरीका


शुरुआत में Royal Dryfruit कंपनी ने 35.5% हिस्सेदारी ₹12.5 करोड़ में देने की बात कही।

विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने नकली बैलेंस शीट, झूठे टर्नओवर और फर्जी ग्राहक सूची दिखाई।

कमल अग्रवाल ने जनवरी 2023 से सितंबर 2023 तक कुल ₹9.38 करोड़ का निवेश कर दिया।

बाद में और पैसे देने के नाम पर एक loan agreement बनाया गया।

लेकिन न तो उन्हें कोई शेयर मिले, और न ही पैसे वापस।


👮‍♂️ कब चला धोखाधड़ी का पता?


सितंबर 2023 के बाद जब कमल अग्रवाल को कोई भी कानूनी डॉक्यूमेंट नहीं मिला, तब उन्होंने इंटरनल ऑडिट करवाई। उसमें सामने आया कि सारी जानकारी झूठी थी।
उन्होंने 9 जुलाई 2025 को नागपुर के कलमना पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई।

🧾 दर्ज की गई धाराएं


इन आरोपियों पर IPC की निम्न धाराएं लगाई गई हैं:


धारा 420 – धोखाधड़ी (Cheating)


धारा 406 – विश्वासघात (Criminal breach of trust)


धारा 468 – फर्जी दस्तावेज बनाना (Forgery)


धारा 34 – साजिश के तहत अपराध



पुलिस के अनुसार, चारों आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है।

🏢 Haldiram कंपनी की प्रतिक्रिया


Haldiram ने इस मामले में अब तक सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे केस की निगरानी कर रहे हैं।
यह घोटाला उस समय सामने आया जब Haldiram की दिल्ली और नागपुर यूनिट का ₹84,000 करोड़ का विलय (merger) चल रहा था। ऐसे में यह मामला और भी संवेदनशील बन गया है।

📉 इससे क्या सबक मिलता है?


1. बड़े निवेशकों को भी सावधान रहना चाहिए, चाहे सामने वाला कितना ही प्रोफेशनल दिखे।


2. किसी भी निवेश से पहले थर्ड-पार्टी ऑडिट, कंपनी की वैधता और पूर्व निवेशकों की जानकारी जरूर लें।


3. फर्जी दस्तावेजों और दिखावटी प्रेजेंटेशन से बचें।




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🔚 निष्कर्ष


Haldiram जैसे नामचीन ब्रांड का शिकार होना यह दर्शाता है कि ठगी करने वाले अपराधी अब सिर्फ आम आदमी को ही नहीं, बल्कि बड़ी कंपनियों को भी निशाना बना रहे हैं।
इस केस से हमें यह सीख मिलती है कि निवेश से पहले सतर्कता और पूरी जांच करना कितना जरूरी है।

जैसे-जैसे पुलिस इस मामले में आगे बढ़ेगी, और जानकारी सामने आएगी, उम्मीद है कि दोषियों को जल्द सज़ा मिलेगी और निवेशकों को उनका हक।


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